रामायण और महाभारत के इन हथियारों का आज भी होता है प्रयोग – Ramayan aur mahabharat ke in weapons ka aaj bhi hota hai istemaal

रामायण और महाभारत के इन हथियारों का आज भी होता है प्रयोग – Ramayan aur mahabharat ke in weapons ka aaj bhi hota hai istemaal

क्या पौराणिक अस्त्रों-शस्त्रों का प्रयोग आज के कलयुगी समय में भी होता हैं, आखिर क्या समानता हैं रामायण – ramayan -महाभारत – mahabharat में प्रयोग हुए अस्त्रों-शस्त्रों और आज के आधुनिक हथियारों के बीच, क्या आज भी प्राचीन हथियारों का प्रयोग होता हैं? आज इन्ही सब सवालों के जवाब जानेंगे हम आज की हमारी इस पोस्ट में :

Beautiful Gold Plated Colored Zircon Bracelet for Girls and Woman

हिन्दू इतिहास के दो महान महाकाव्यों, रामायमण और महाभारत – mahabharat, की कहानियां महायुद्ध पर आधारित हैं। रामायण – ramayan  में श्री राम और रावण के बीच और महाभारत – mahabharat में पांडवों और कौरवों के बीच कुरुक्षेत्र का युद्ध इतिहास में अपनी अलग ही छाप छोड़ता है।

यह दोनों ही युद्ध कोई साधारण युद्ध नहीं थे। दैवीय शक्तियों से लैस यह अस्त्र-शस्त्र आज भी काफी प्रासंगिक हैं। दोनों ही युद्धों में विनाश के उन शस्त्रों का प्रयोग हुआ, जो भीषण विध्वंस मचाने में पूरी तरह सक्षम थे।

हिन्दू धर्म में जिन शस्त्रों का जिक्र किया गया है, उन सभी शस्त्रों में कलयुग, यानि मौजूदा समय के वैज्ञानिकों को उसी तरह के हथियार बनाने के लिए प्रेरित किया है। मगर सोचने वाली बात यह है कि जो हथियार कलयुग में अब प्रयोग किए जाते हैं, उनका आविष्कार हजारों साल पहले हो चुका है। आइए देखते हैं कलयुग के वो हथियार, जो पौराणिक शस्त्रों से मेल खाते हैं:

Beautiful Gold Plated Colored Zircon Slim Bracelet for Girls and Woman

  1. मंत्र – mantra

हिन्दू धर्म में मंत्रों का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। मंत्र उच्चारण ईश्वर की अराधना के साथ शस्त्र चलाने के लिए भी काफी उपयोगी माने गए हैं।

कार्य क्षमता– मंत्रों द्वारा शस्त्रों को चलाकर शत्रु पर प्रहार किया जाता था।

कलयुग समानता– आवाज से चलने वाले यंत्र

  1. माता शक्ति के तीन बाण – Mata Shakti ke 3 Baan

महाभारत – mahabharat में भीम के पौत्र बरबरीक को देवी शक्ति ने तीन बाण दिए थे, जिसने उसे महाभारत – mahabharat के युद्ध का सबसे ताकतवर योद्धा बना दिया।

कार्य क्षमता- निशाना साधने के बाद, ये साधे निशाने को ही भेदते हैं। ये कभी निशाना नहीं चूकते।

कलयुग समानता- टॉरपीडो

  1. पशुपातास्त्र– Pashupastra

यह शस्त्र भगवान शिव की आराधना से प्राप्त किया जाता था। हालांकि इसे ब्रह्मास्त्र से रोका जा सकता है, मगर यह भगवान विष्णु के किसी भी शस्त्र से नहीं रूक सकता।

कार्य क्षमता- यह लक्ष्य को पूरी तरह से तबाह कर देता है। लक्ष्य चाहे कैसा भी हो, इसमें उसका अस्तित्व समाप्त करने की क्षमता है।

कलयुग समानता है– हाइड्रोजन बम

Gold Plated Cuff & Kadaa Bangle Triangle Design for Women and Girls

  1. इंद्रास्त्र – indrastra

देवों के राजा इंद्र के इस अस्त्र से एक साथ कई लोगों को मारा जा सकता है।

कार्य क्षमता- यह एक साथ अनेकों बाणों की वर्षा कर सकता है।

कलयुग समानता- मशीन गन

  1. अग्नेयस्त्र – Agneyastra

अग्नि देव के इस अस्त्र से ऐसी ज्वाला और आग निकलती थी, जिसे बुझाया नहीं जा सकता।

कार्य क्षमता- आग की लपटें फेंकना

कलयुग समानता- फ्लेम थ्रोअर्स

  1. त्वष्ट्र अस्त्र – Twashtra Astra

यह लाजवाब शस्त्र स्वर्ग के निर्माता त्वष्ट्र से प्राप्त किया जाता है।

कार्य क्षमता- इस शस्त्र से सेनाएं अपने शत्रु को नहीं पहचान पाती और अंत में आपस में ही लड़ कर स्वयं का नाश कर लेती हैं।

कलयुग समानता- आजकल के युद्ध में प्रयोग होने वाली विभिन्न गैस

  1. सुदर्शन चक्र – Sudarshan Chakra

भगवान विष्णु के सर्वप्रमुख अस्त्र ने कई बार इसका प्रयोग कई रूपों में किया है।

कार्य क्षमता- यह केवल भगवान विष्णु की आज्ञा का पालन करता है और लक्ष्य को पूरी तरह तबाह कर देता है।

कलयुग समानता- मिसाइल

Beautiful High Trend Traditional Indian Earrings With Two Tone Finish

  1. पुष्पक रथ

दैत्यों के राजा, रावण ने सीता हरण के लिए इस हवाई रथ का प्रयोग किया था।

कार्य क्षमता- हवा में उड़ना वाला वाहन।

कलयुग समानता- पर्सनल हवाई जहाज

  1. वज्र – Vajra

देवों के राजा इंद्र का एक और अस्त्र। महर्षि दधिचि की हड्डियों से बने इस शस्त्र से बिजली निकलती है।

कार्य क्षमता- शत्रु को बिजली के द्वारा रोकना।

कलयुग समानता– आज के समय के लेजर, जिससे बिजली के झटके दिए जाते हैं।

Beautiful Trendy Gold Plated Necklace Set for Women and Girls

  1. ब्रह्मास्त्र – Brahmastra

भगवान ब्रह्मा के इस शस्त्र का प्रयोग महाभारत – mahabharat में हुआ था। रामायण – ramayan  में इसका प्रयोग इंद्रजीत ने श्री राम पर भी किया था।

कार्य क्षमता- लक्ष्य का संपूर्ण विनाश। इससे एक समय पर कई तरह का विनाश किया जा सकता है।

कल्युग समानता– परमाणु बम

,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *